सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के निक्कू वार्ड से वीरवार को डिलीवरी के आधे घंटे बाद ही बच्चा चोरी हो गया। बच्चा कौन ले गया, इसकी निक्कू वार्ड की स्टाफ नर्सों को भी जानकारी नहीं है। थाना-4 में इस संबंध में केस दर्ज किया गया है। बच्चे के पिता दीपक ने बताया कि दोपहर 12:50 पर सिजेरियन ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। तब उनकी पत्नी बेहोश थी। डॉक्टरों ने चेकअप के लिए बच्चा जच्चा-बच्चा वार्ड के निक्कू वार्ड में ले जाने के लिए कहा।
बच्चे का चाचा रोशन कुमार और बुआ जीमांती देवी उसे ले गए। रोशन ने बताया कि पहले स्टाफ के कहने पर उन्होंने फाइल बनवाई तो दूसरे स्टाफ सदस्य बोले कि उनके पास कोई बच्चा ही नहीं है। पुलिस के मुताबिक बच्चा 1 से 1:30 बजे के बीच चोरी हुआ। एसीपी हरसिमरत सिंह का कहना है कि सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण शुरुआती जांच में दिक्कत आ रही है कि बच्चा कौन ले गया।
1:10 बजे बच्चे को निक्कू वार्ड में छोड़कर गए थे
बस्ती बावा खेल के कमल कबीर विहार के रहने वाले रोशन कुमार का कहना है कि वे 1:10 बजे बच्चे को निक्कू वार्ड में छोड़कर गए थे। लेकिन जब वे वापस आए तो बच्चा बेड से गायब था। स्टाफ नर्स वरिंदर कौर ने बताया कि बच्चा वार्ड में 3 नंबर बेड पर था। वार्ड में दाखिल अन्य बच्चों के परिजन भी नवजात बच्चे को देखने आ रहे थे। उसके बाद बच्चे का कुछ पता नहीं चल पाया।
दूसरी तरफ 1:30 बजे के बाद दूसरी शिफ्ट में आने वाली स्टाफ नर्सों ने बताया कि उन्होंने 2 बजे ड्यूटी ज्वाइन की थी लेकिन बच्चे की कोई जानकारी नहीं। निक्कू वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉ. वजिंदर सिंह का कहना है कि वे 2 बजे ओपीडी खत्म कर वार्ड में आए तो 3 नंबर बेड पर कोई बच्चा नहीं था। वहीं, सिविल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनदीप कौर मांगट का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले स्टाफ के खिलाफ इंक्वायरी मार्क की गई है।
बधाई के पैसे लिए बिना नर्स मां की फाइल दे देती तो शायद बच्चा उनके पास होता
बच्चे के पिता दीपक और आशा वर्कर उपासना ने कहा कि वे बच्चे की फाइल बनवाने गए। मां की फाइल लेने के लिए वे नर्स के पास गए तो उसने बधाई मांगी। बधाई के लिए पैसे नहीं थे तो नर्स ने फाइल देने से मना कर दिया। आखिर बच्चे के पिता ने नर्स को 200 रुपए दिए तो उसने बच्चे की फाइल दी। बता दें कि सिविल अस्पताल में पहले भी बच्चे के जन्म के दौरान नर्सों द्वारा बधाई की शिकायतें सामने आती रही है लेकिन अस्पताल के किसी भी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सिक्योरिटी गार्ड हैं, फिर भी बच्चा चोरी हो गया
सिविल में कोविड-19 के मद्देनजर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वेंटीलेटर और ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है लेकिन सूबे के सबसे बड़े सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में कोई सीसीटीवी कैमरा तक नहीं है। बता दें सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के दफ्तर और उसके बाहर कैमरे लगे हैं। जच्चा-बच्चा वार्ड के प्रवेश द्वार पर दो सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए गए हैं लेकिन वे सिर्फ अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों से बधाई लेने का काम ही करते हैं।
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