शहर कोरोना के संक्रमण के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। नए संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से साफ है कि काेराेना के खिलाफ लड़ाई लंबी खिंचेगी। शुरुआती 120 दिन में जहां कोरोना से 60 लोगों की जान गई, वहीं इस महीने के पहले 23 दिन में ही 73 की माैत हाे चुकी है। रविवार को कोरोना के 81 नए संक्रमित मिले पर इनमें 11 लोग बाहर के हैं। एक महिला समेत तीन लाेगाें की मौत हुई है।
जिले में काेराेना से जान गंवाने वालाें की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। कुल संक्रमितों की संख्या 5252 है। मार्च से 31 जुलाई तक के आंकड़ों पर गौर करें ताे पाएंगे कि चार महीने में काेराेना के 2327 मामले सामने आए। अगस्त के 23 दिनों में 2944 केस आ चुके हैं। बढ़ते आंकड़ाें के मद्देनजर जिला प्रशासन और सेहत विभाग द्वारा हिदायताें का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। सावधान रहकर ही काेराेना से बचाव किया जा सकता है।
संक्रमित इलाके सील, आने-जाने पर पाबंदी
जिन इलाकों को कोरोना के नए मामले आए हैं, जिला प्रशासन ने उनकाे सील करवा दिया है। अवतार नगर के कुछ इलाके, सेठ हुक्म चंद कालोनी, कृष्णा नगर, बस्ती गुजां, गुरु नानक नगर, बस्ती मिट्ठू, प्रीत नगर, गढ़ा, गाजीगुला, छोटी सईपुर, गांधी कैंप, न्यू गुरु अमरदास नगर, थाना नम्बर 1 के तीन गली, जोगिन्द्र नगर, रामा मंडी तथा देहात इलाकाें में नूरमहल, खुसरोपुर, दौलतपुर, भगवाला मोहल्ला, (शाहकोट), मुस्तफापुर, बड़ा पिंड, पुलिस स्टेशन (करतारपुर), बोपाराए कलां, भटनूरा लुभाणा, गिल काॅलोनी, माॅडल हाउस, गली नंबर-1, मकसूदां और अन्य एरिया को सील कर दिया है।
कोवा एप पर बेड, लैब, प्लाज्मा की मिलेगी पूरी जानकारी
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि कोवा पर सभी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से पीड़ित लोगों की जान की रक्षा के लिए अपना प्लाज्मा कहां दान करना है, उसकी जानकारी भी कोवा एप के जरिए मिल जाएगी। कोरोना से मृत्युदर कम करने और बीमारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए लेवल-2 के मरीजों के लिए 75 और लेवल-3 के मरीजाें के लिए 70 बेड तैयार किए हैं।
जालंधर में लेवल-2 के मरीजाें के लिए 629 बेड और लेवल-3 के मरीजाें के लिए 240 बेड उपलब्ध हैं। बेडों की उपलब्धता की जानकारी लेने के लिए मोबाइल पर कोवा एप डाउनलोड करें। इसके बाद चेक बेड अवेलेबिलिटी ऑप्शन पर जाएं जहां लेवल 1, लेवल 2, और लेवल 3 के बेडों के बारे में जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा जिला प्रशासन की वेबसाइट jalandhar.nic.in पर जाकर भी जानकारी ले सकते हैं।
सांस लेने में दिक्कत हाेने पर अस्पताल लाने के दूसरे दिन माैत
रविवार को अवतार नगर के 67 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई। वह कई दिन से बीमार थे। दो दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती किए गए थे। परिजनों का कहना है कि मृतक को सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल लेकर आए थे। मॉडल हाउस इलाके में रहने वाली 52 साल की महिला की भी काेराेना से मौत हो गई। राजनगर के रहने वाले 39 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान जाैहल अस्पताल में मौत हो गई।
टेस्ट बढ़े, इसलिए आंकड़ा बढ़ा, लोग घबराएं नहीं : डीसी
कोरोना के साथ दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों को बचाने की जरूरत है। डीसी ने कहा कि ज्यादा टेस्ट हाेने से संक्रमिताें का आंकड़ा बढ़ा है। लाेग घबराएं नहीं। सिविल अस्पताल के लिए हाई फ्लो नैसेज थैरेपी मशीन, मल्टी पैरा मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्यूशन पंप, सक्शन मशीनें और अन्य सामान खरीदा जा रहा है ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कत न हो।
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