जिले में कोविड-19 के कारण मौतों में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार को 6 लोगों की मौत कोरोनावायरस से हुई है, जिसके साथ जिले में मृतकों की संख्या 62 हो गई है। एक मरीज ने शुक्रवार देर रात प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसके अलावा सेहत विभाग की तरफ से शनिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार 93 लोगों को संक्रमण की पुष्टि हुई है, इनमें दो मरीज जिले के बाहर के रहने वाले हैं।
इसके चलते उन्हें जिले के संक्रमित मरीजों की लिस्ट में जोड़ा नहीं गया है। पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2418 हो गई है। वहीं सीआईए थाने में हिरासत में लिए गए एक आरोपी को भी संक्रमित पाया गया है। गौरतलब है कि लगातार पिछले आठ दिनों में कोरोना से 22 मौतें हो चुकी हैं। कोरोनावायरस से ग्रस्त मरीजों को कोरोनावायरस के अलावा अन्य बीमारियों की भी शिकायत बताई जा रही है।
शनिवार को मरने वाले लोगों में 40 साल का व्यक्ति (तिल्क नगर), 67 साल का व्यक्ति (जनता काऍलोनी), 40 साल का व्यक्ति (ग्रोवर कालोनी) और 53 साल का व्यक्ति (रैणक बाजार) शामिल हैं। वहीं रैणक बाजार के रहने वाले व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिजनों की तरफ सेहत विभाग पर लापरवाही का भी आरोप लगाया है। इस संबंंधी शहर के प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि कोरोनावायरस से जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें अधिकतर पहले से अन्य कई बीमारियों से पीड़ित थे। हालांकि इन्हें संक्रमण होने का कोई पुख्ता सोर्स नहीं पता चल पा रहा है।
बैंक कर्मचारियों को बाहरी व्यक्ति से संक्रमण की आशंका
शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 17 लोग बैंकिंग सेक्टर के साथ जुड़े हैं। स्काई लार्क चौक स्थित सरकारी बैंक के 13 और शाहकोट के प्राइवेट बैंक के 4 लोगों को संक्रमण की पुष्टि हुई है। बता दें, शनिवार रिपोर्ट आने से पहले विभाग की सैंपलिंग टीम ने सरकारी बैंक कर्मियों की पूल सैंपलिंग की थी।
वहीं सेहत विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि शनिवार को सरकारी बैंक के मैनेजर समेत कई अधिकारी कोरोनावायरस से ग्रस्त हैं। बैंक कर्मियों को कोरोनावायरस का संक्रमण किसी बाहरी व्यक्ति से भी होने की आशंका है। वहीं शनिवार को पहली बार पब्लिक डीलिंग वाले सरकारी दफ्तर में एक साथ इतने लोगों को संक्रमण की पुष्टि हुई है।
जुलाई महीने में 35 लोगों की हुई मौत
जिले में पिछले एक महीने में कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों के साथ मरने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अब लोग सरकारी अस्पतालों की बजाय प्राइवेट अस्पताल का भी रुख कर रहे हैं, फिर भी ये संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों के साथ अब लोग प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना के चलते दम तोड़ रहे है।
वहीं डॉक्टरों का कहना है कोरोनावायरस का संक्रमण सबसे अधिक उन लोगों के लिए भारी है, जो अन्य बीमारियों के साथ भी पिछले कई सालों से लड़ रहे हैं। सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1 से 30 जुलाई तक जिले में 1605 लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 35 लोगों ने कोरोनावायरस के कारण अपनी जान भी गंवाई है।
पॉजिटिव आने पर घर से ले जाएंगे, इसलिए टेस्ट नहीं करवा रहे लोग : डॉ. बीएस जौहल
जौहल अस्पताल के एमडी डॉ. बीएस जौहल का कहना है उनके अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने कोरोनावायरस को लेकर अलग ही धारणा बना ली है। जिले में कोरोनावायरस के कुछ ऐसे भी मामले हैं, जिनमें लोगों ने समय पर कोविड-19 टेस्ट नहीं करवाया।
इसके अलावा लोग यह भी सोच रहे हैं कि खांसी बुखार आने पर अगर वह कोविड-19 टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल जाएंगे तो पॉजिटिव आ जाएंगे और उन्हें सेहत विभाग की टीम घर से उठाकर ले जाएगी। अस्पताल न जाने के डर से और समय पर टेस्ट न करवाने के चलते भी कोरोनावायरस के से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा।
लक्षण हैं तो टेस्ट करवाएं, बुजुर्गों को ज्यादा खतरा : डॉ. विजय महाजन
टैगोर अस्पताल के सीनियर हार्ट स्पैशलिस्ट डॉ. विजय महाजन का कहना है कि जिले में पिछले दिनों हुई मौतों को देखा जाए तो वे 40 से 90 साल के बीच के हैं। अधिकतर शूगर-बीपी हार्ट और किडनी की बीमारियों से पीड़ित थे। डॉ. महाजन ने बताया कि पिछले दिनों एक परिवार के 2 सदस्यों में कोरोना के लक्षण आए, लेकिन उन्होंने 4 दिन कोविड टेस्ट नहीं करवाया।
जब सांस संबंधी दिक्कत हुई तो टेस्ट के बाद संक्रमित निकले। इसके अलावा घर में रह रही बजुर्ग को कोरोनावायरस की इंफेक्शन इतनी ज्यादा हो गई है कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा है। डॉ. महाजन ने कहा कि किसी बुजुर्ग को यदि कोरोना लक्षण आते हैं, तो बिना देरी जांच कराएं।
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