स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम जालंधर के खाते में 60 करोड़ रुपए आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सभी प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहे हैं। हालात यह हैं कि सभी चौराहों को सुंदर बनाने का काम अधर में छोड़े जाने से ट्रैफिक में भी बाधा आ रही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार ने फंड उपलब्ध करवाए हैं, इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रोजेक्ट की देरी पर सत्तापक्ष को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
भाजपा नेता बोले- प्रदेश में कैप्टन के नेतृत्व में केंद्रीय योजनाओं की अनदेखी की जा रही
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग में कई विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी शामिल हुए। भाजपा की जालंधर लीडरशिप ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उनके सामने स्मार्ट सिटी का मामला रखा। विशेष बिंदू यह रहा कि प्रदेश में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस सरकार द्वारा केंद्रीय योजनाओं की अनदेखी के कारण पंजाब वासियों को केंद्रीय सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
स्मार्ट सिटी के दो हजार करोड़ रुपए की राशि से होने वाले विकास कार्यों के लिए 60 करोड़ रुपए केंद्र से 2016 से आए हुए हैं, जिनका अभी तक उपयोग नहीं किया गया है। ‘सबके लिए घर योजना’ के तहत पंजाब सरकार कुछ खास नहीं कर पा रही। स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत 2015-16 में सर्वे के मुताबिक जालंधर में 12500 वेंडरों को चिन्हित कर पंजीकृत किया गया था, जिसका फायदा रेहड़ी-फड़ी पर व्यापार करने वाले लोगों को कोविड आपदा में मिलने वाली 10000 की सहायता राशि से होना था, पर पंजाब सरकार ने पूरे पंजाब में सिर्फ 80,000 ही स्ट्रीट वेंडर चिन्हित किए, जिनमें से अब तक सिर्फ दो लोगों को लोन मिला है।
लोकल भाजपा लीडरशिप में केंद्रीय मंत्री के सामने इस बात पर पूरा जोर दिया कि केंद्र सरकार की स्कीमों को नगर निगम लागू नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत आए राशन का वितरण भी अभी तक सुचारू ढंग से नहीं हो पाया। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के 300 करोड़ में से 70 करोड़ का घपला मंत्री और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ।
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