विश्वभर में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही इस लड़ाई में डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नौंवी कक्षा के विद्यार्थी ने यूवी सटरलाइजर रोबोट का प्रोटोटाइप विकसित किया है, जोकि कोरोना संक्रमण क्षेत्र को संक्रमणरहित करने के लिए मानव बल को उलझाएं बिना कार्य करेगा। वीपी अकेडमिक्स मनीश बांगा ने बताया कि विद्यार्थी हिमांशु गुप्ता ने अटल टिंकरिंग लैब के मेंटर साहिल अरोड़ा की गाइडलाइन के मुताबिक मात्र 10 दिन के भीतर अपने अभिभावकों की देखरेख में यह रोबोट बनाया है जोकि वॉयरलेस है और रिमोट के माध्यम से कंट्रोल होगा।
उन्होंने कहा कि यह रोबोट अस्पतालों, स्कूल सहित कार्यालयों में स्वच्छता में काम आएगा और जिस क्षेत्र में कोरोना पॉजीटिव मरीज है और वहां सफाई कर्मचारी अगर सफाई करने जाने से कतराते तो वहां यह रोबोट सफाई करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इसमें यूवी लाइट लगी है जोकि चमड़ी के लिए खतरनाक होती है। जब रूम में कोई व्यक्ति न होगा तो ही इस रोबोट के माध्यम से सफाई की जा सकेगी और यहीं कारण है कि इसे लंबी दूरी से मोबाइल एप में रिमोट से संचालित किया गया है। यह उपकरण यूवी लैंप और लेगो रोबोट किट से बना है।
स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के मैंटर साहिल अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 की इस घड़ी में संदिग्धों को ट्रैक करने के लिए मोबाइल फोन अनुप्रयोगों और कम लागत वाले वेंटिलेटर पर काम कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने कई नई परियोजनाएं जैसे कि कार के लिए सीओ गैस डिटेक्टर, डायनेमिक स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, कारों के लिए स्वचालित फ्रंट लाइट इत्यादि।
वहीं, साहिल अरोड़ा ने कहा कि सीबीएसई साइंस प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर पर डीसीएम के विद्यार्थियों का दो बार चयन होने के अलावा वाइब्रेंट गुजरात स्टार्टअप एंड टेक्नोलॉजी शिखर सम्मेलनन और नोबेल प्राइज सीरिज इंडिया द्वारा आयोजित गोवा सम्मेलन में भी यहां के विद्यार्थी खूब जौहर दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में नई दिल्ली में आयोजित नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से मिलकर भी विद्यार्थियों की टीम चर्चा कर चुकी है।
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