कोरोना वायरस ने रिश्तों में भी दूरी लाकर रख दी है। ऐसा ही एक मामला टांडा में सामने आया है जहां लुधियाना में कार्यरत एक व्यक्ति ने फैक्टरी बंद होने के बाद पैदल चलकर टांडा में रहती अपनी बहन के घर पहुंच गया। लेकिन, बहन के भाई को जीजा ने घर के अंदर दाखिल होने से रोक दिया और कहा कि पहले अस्पताल जाकर कोरोना वायरस का टेस्ट करवाओ, फिर घर आना। वहीं, मेडिकल चेकअप के बाद जब दोबारा बहन को फोन किया तो उसने भी उसे घर न आने को कह दिया।
पहले फैक्टरी और फिर मकान मालिक ने बाहर निकाल दिया : नरिंदर
मंगलवार को रेलवे स्टेशन टांडा में निराश बैठे नरिंदर सहगल ने बताया कि वह लुधियाना में एक सिलाई मशीनें बनाने वाली फैक्टरी में काम करता है। लॉकडाउन के दौरान फैक्टरी बंद हो गई और सभी मजदूरों को बाहर निकाल दिया गया। नरिंदर ने बताया कि उसका तलाक हुआ है और वह साथी मजदूरों के साथ किराए पर रहता है। नरिंदर ने बताया कि मकान मालिक ने उन्हें बाहर निकाल दिया। इस पर जब उसने टांडा में रहती अपनी बहन से बातचीत की और बहन के कहने पर वह लुधियाना से टांडा पैदल पहुंच गया। उसने बताया कि उसके साथ 25-26 लोग जो अलग-अलग जगह से थे वह लुधियाना से पैदल चले थे।
जीजा ने घर में घुसने से मना किया
नरिंदर ने बताया कि जब वह बहन के घर पहुंचा, तो जीजा ने घर के अंदर घुसने से मना कर दिया और कहा कि जाओ पहले अस्पताल में कोरोना का टेस्ट करवाकर आओ। नरिंदर ने कहा कि उसके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है और न ही किसी से जान-पहचान है। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा कि वह अब कहां पर जाए और कहां रहे।एसएमओ टांडा डॉ. केआर बाली ने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति रेलवे स्टेशन टांडा पर बैठा है। हमारी टीम ने जब मौके पर पहुंचकर पता किया तो उक्त उक्त व्यक्ति ने सारी बात बताई।
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