(प्रभमीत सिंह)शहर के लिए बड़ी चिंता की बात...। कोरोना अब बड़ी बस्तियों की ओर पहुंच रहा है। निजात्म नगर, नारायण नगर, लावां मोहल्ला, भैरों बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, आनंद नगर के बाद बुधवार को बस्ती दानिशमंदा निवासी जीत लाल (70) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 25 हो गई है। सिविल अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक रविवार को जीत लाल को अस्पताल में दाखिल किया गया था। हार्ट के मरीज जीत लाल को सांस लेने में दिक्कत थी। कोरोना के लक्षण दिखने पर सैंपल अमृतसर भेजे गए थे। जीत लाल कैसे संक्रमित हुए, यह पता नहीं चल पाया है। जीत लाल के बेटे अशोक ने बताया कि वह और उनका परिवार निजात्म नगर में सम्मेलन में शामिल हुआ था पर पिता नहीं गए थे। सम्मेलन में आने के बाद एक बुजुर्ग कोराना पॉजिटिव पाई गई थीं। अब सीएमसी लुधियाना में भर्ती हैं।
डॉक्टरों ने शहरवासियों से अपील की, 30 अप्रैल तक घरों में ही रहें
डॉक्टरों ने शहरवासियों से अपील की है कि 30 अप्रैल तक घरों में ही रहें। विभाग ने घनी आबादी वाले कुछ इलाके अतिसंवेदनशील घोषित किए हैं। शहर में अब जो पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं, वह सब घनी आबादी वाले इलाके से हैं। विभाग अब घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग करवाने जा रहा है। बड़ी चिंता की बात यह भी है कि अभी तक जो 15 केस सामने आए हैं, उनके संक्रमण का सोर्स पता नहीं चल रहा। भले ही वह परिवार के सदस्य से संक्रमित हुए हैं लेकिन परिवार का सदस्य कहां से संक्रमित हुआ यह पता नहीं चल पा रहा है। मेडिकल टीम मूल सोर्स तलाश रही है। 6 दिन से लगातार पॉजिटिव आ रहे केसों को देखते हुए शहर में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शहर के 15 एरिया संवेदनशील हैं, यह सभी क्षेत्र कारोबारी हैं। यहां सर्वाधिक लोगों का आना-जाना है। इस कारण अगर अभी भी यहां कंट्रोल नहीं किया गया तो हालात कम्युनिटी स्प्रेड के बन जाएंगे।
सिटी स्टेटस: 7 एरिया अति संवेदनशील, इनसे सटे 8 क्षेत्र भी अंडर ऑब्जर्वेशन, रोजाना होगी स्क्रीनिंग
सेहत विभाग ने भैंरों बाजार के साथ सट्टे मिट्ठा बाजार, किल्ला मोहल्ला, अटारी बाजार, रैणक बाजार से माई हीरा गेट की तरफ आता एरिया, पुरानी सब्जी मंडी के साथ का विक्रमपुरा, चरणजीत पुरा, टैगोर नगर, मकसूदां का पूरा क्षेत्र और निजात्म नगर के साथ सटा पूरा एरिया अब सेंसटिव एरिया में आ गया है। इन एरियों की करीब 1.5 लाख से अधिक की आबादी है। बस्ती दानिशमंदा के एरिया से पॉजिटिव केस सामने आने के बाद सेहत विभाग घनी आबादी वाले एरिया में स्क्रीनिंग शुरू करने जा रहा है। वहीं जानकारी के मुताबिक सेहत विभाग के डॉक्टरों की टीम भी उन प्राइवेट अस्पतालों की जांच कर रही है जहां कोरोना पॉजिटिव मरीज अपना इलाज करवाने के लिए गए थे। इसके अलावा उन अस्पतालों के मरीजों का डाटा चेक किया जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि अस्पताल आया कोई मरीज संक्रमित तो नहीं हुआ।
शहर में अब तक मिले केसों में विदेश यात्रा किसी की नहीं
बुधवार तक जिले में आए कोरोना के सभी केस कैरियर स्टेज के हैं। विदेश से आए किसी भी व्यक्ति को सीधे तौर पर कोरोनावायरस ने चपेट में नहीं िलया है। 70 फीसदी ने आगे अपने पारिवारिक सदस्यों को संक्रमित किया है। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि कोरोनावायरस को लेकर स्थित अभी भी कंट्रोल में है। यह तब तक बनी रहेगी जब तक आप लोग घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। आप एक बात समझिए की सिविल अस्पताल में जितनी भी अभी तक सैंपल लिए गए हैं वह संक्रमित लोगों के संपर्क या हल्की खांसी, बुखार के लक्षण मिलने पर ही लिए गए हैं। इनमें से 40 से 60 साल की उम्र के लोगों की संख्या 75 फीसदी है। अगर आप अपने घर के बुजुर्गों की सुरक्षा चाहते हैं तो घरों से बाहर न निकलें।
कैरियर पेशेंट : 30 % केसों में लक्षण तक नहीं दिखे
विभाग कोरोनावायरस के मरीजों को दो भागों में बांटकर चल रहा है। पहला जिन मरीजों को कोरोना के लक्षण हैं और वह अस्पताल पहुंचे। (55 फीसदी) और दूसरे जिन्हें संक्रमण तो हुआलेकिन लक्षण नजर नहीं आया (30 फीसदी)। दूसरे भाग के मरीजों का सैंपल लेने से पता चला कि इनमें वायरस है। 15 फीसदी वह मरीज हैं जो दूसरे भाग के मरीजों के संपर्क में आए। स्पेशिलस्ट्स का कहना है कि संक्रमितों से आगे 40 फीसदी लोगों को संक्रमण हुआ है।
21 दिनों की लापरवाही देखिए
1सबसे अधिक भीड़ हमने दिलकुशा मार्केट और सब्जी मंडी में हमने लगाई और कर्फ्यू की उल्लंधना भी की।
2समाज सेवा के नाम पर हम बिना वजह से घरों से निकले।
3अगर किसी ने अफवाह उठाई तो की राश्न बट रहा है तो हम 100-100 लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंटस के एक जगह इकट्ठे हो गए।
4लोगों को राश्न बांटने के नाम पर सड़कों पर टहलने लगे।
5 एक कार में 5-5 लोग सवार होकर जा रहे है।
6घर से बाहरसबसे अधिक भीड़ हमने दिलकुशा मार्केट और सब्जी मंडी में हमने लगाई और कर्फ्यू की उल्लंधना भी की।
बेवजह बाहर जा रहे हैं तो ध्यान दें
1 सिविल अस्पताल में दाखिल 80 फीसदी मरीजों को संक्रमण कहां कैसे और किससे हुआ, नहीं पता। चेन तोड़ने के लिए 14 दिन आइसोलेट होना जरूरी है।
2 आप अकसर बाहर आते-जाते हैं तो यह बात समझ लें कि आपके अस्पताल में दाखिल होने के 50 फीसदी चांस हैं।
3 जरूरी नहीं कि आप में लक्षण नजर आएंगें तभी कोरोना की पुष्टि होगी। संक्रमित होकर आप दूसरे से तीसरे और चौथे व्यक्ति तक संक्रमण की चेन विकसित कर देंगे।
4 इन दिनों आपको मुंह ढककर रखना बहुत जरूरी है। अगर आपके घर का कोई सदस्य बाहर जाता है तो आपस में बात करते समय भी मास्क का प्रयोग करें।
5 सिविल में इस समय 6 साल से लेकर 65 साल के मरीज कोरोनावायरस से लड़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि कोरोना बुजुर्गों को ही होता है।
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