एलपीयू के इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों की एक रिसर्च टीम ने अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में उपयोग के लिए एक सहयोगी इंटरेक्टिव स्मार्ट डस्टबिन बनाया है।यह इनोवेटिव प्रोडक्ट बिना छुए कूड़ा कर्कट लेने और उसका निपटान करने के लिए स्मार्ट बिन है। यह वॉयस कमांड का अनुसरण करता है। एक नियंत्रित वातावरण के अंदर पूर्वनिर्धारित रास्ते पर चलता है; स्वचालित रूप से ढक्कन को खोलकर कचरे के संपर्क रहित संग्रह में मदद करता है। एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने बताया कि टीम ने बिन का एक प्रोटोटाइप विकसित किया है।
यह किसी भी मानवीय संपर्क के बिना कचरा उठाने के लिए बेहद प्रासंगिक हो सकता है। यह वॉयस कमांड के माध्यम से काम करता है, जिससे अस्पताल के कर्मचारियों के लिए इसे बिना किसी संपर्क के आसानी से उपयोग करना सम्भव हो जाता है। एलपीयू के डॉ. लवीराज गुप्ता, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. अनीता गहलोत ने बताया कि जो शोध विद्यार्थी वैज्ञानिक रूप से विकसित किए इनोवेटिव इंजीनियरिंग उत्पाद ‘एली’ के निर्माण में शामिल हैं, वे हैं प्रबीन कुमार दास, वंका विनय कुमार और केएम वैष्णवी गुप्ता। प्रोटोटाइप बिन की अनुमानित लागत 20,000 रुपए है।
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