होशियारपुर.नापतौल कंपनी से ऑनलाइन शॉपिंग करने पर बिजली विभाग से रिटायर मुलाजिम रजिंदर कुमार निवासी तलवाड़ा को फोन आया कि उनकी लॉटरी निकली है। आप कार लें या फिर 25 लाख रुपए, आपकी मर्जी। इसके लिए आपको कागजी कार्रवाई और प्रोसेस के लिए कुछ रुपए हमारे खाते में डलवाने होंगे। बार-बार फोन आने पर कुछ रुपए उनके खाते में डलवा दिया। इसके बाद उन्हें झांसे में लेकर धीरे-धीरे करके पूर्व बिजली मुलाजिम से ठगों ने करीब 52 लाख रुपए ठग लिए।
परेशान होकर सितंबर-2017 में पुलिस में शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तमाम भाग-दौड़ के बाद खुद पता लगाया कि आरोपी झारखंड के हैं तो वहां की पुलिस से भी जाकर मिला लेकिन उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि मामला पंजाब का है इसलिए वहीं केस दर्ज कराएं।
यहां की पुलिस को केस दर्ज करने में दो साल से ज्यादा समय लग गया अब जाकर पुलिस ने डीएसपी हेडक्वार्टर की सिफारिश पर थाना तलवाड़ा की पुलिस ने अलोक मोहंती, संजीव गुप्ता, क्रिशना, आर.मूरति, केदार गुप्ता, भरत राय और सद्दाम हुसैन निवासी टैलको काॅलोनी हंस स्टार रोड जमशेदपुर झारखंड के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एएसआई हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस टीम झारखंड के लिए रवाना होगी। आरोपियों को पकड़ने के लिए झारखंड पुलिस की भी मदद ली जाएगी।
ऐसे की ठगी- पहले लॉटरी ने नाम पर फिर वापस पैसे देने के नाम पर ठगा
शिकायतकर्ता ने बताया कि जून 2017 में ऑनलाइन शॉपिंग की। इसके बाद अलोक मोहंती नाम के व्यक्ति ने फोन कर लाटरी निकलने की बात कही। कहने पर कुछ हजार रुपए उनके खाते में जमा करवा दिए लेकिन गाड़ी नहीं दी गई। फिर अलग-अलग नामों से फोन आने लगे और पैसे की मांग करते। उसने कई लाख रुपए आरोपियों के खातों में जमा करवा दिए।
कुछ न मिलने पर पैसे वापस मांगे तो बदले में वह फिर और पैसे मांगने लगे। उसके लाखों रुपए फंसने पर पैसे वापस करने के एवज में और पैसे मांगे तो मजबूरी में वह और पैसे उनके बताए खातोें में डालता रहा। फिर ठगों ने बैंक के फर्जी मैसेज भेजे कि उसके पैसे वापस अकाउंट में डाल दिए हैं लेकिन बैंक से पता चलता कि अकाउंट में पैसा जमा ही नहीं हुए।
2017 में की शिकायत, 2020 में दर्ज किया केस
शिकायतकर्ता डिप्रेशन में है। उसने ठगी की शिकायत सितंबर 2017 में जिला पुलिस को दी थी। वह कई बार एसएसपी होशियारपुर से भी मिले लेकिन गंभीरता से नहीं लिया। अगस्त 2019 को डीजीपी पंजाब से मिला और पूरी कहानी बताई तो उन्होंने पुलिस को केस हल करने के निर्देश दिए और अब पुलिस ने केस दर्ज किया है। करीब 6 महीने पहले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी महारानी परनीत कौर से भी ठगी हुई थी जिसमें पुलिस ने तुरंत ठगों को पकड़ लिया था। आम इंसान होने के चलते पंजाब पुलिस ने केस दर्ज करने में ही 2 साल से अधिक समय लगा दिया।
रिटायरमेंट के पैसों पर थी ठगों की नजर
रजिंदर कुमार से जब ठगी शुरू हुई तो उस समय उसके बैंक अकाउंट में जो राशि जमा हुई थी जो कि एक सरकारी मुलाजिम को रिटायरमेंट के समय फंड के रूप में वाली राशि थी। शायद ठगों को उनके रिटायरमेंट की जानकारी किसी तरह लगी होगी। आरोपियों की नजर रिटायरमेंट के पैसों पर थी। इसके बाद बहाने से थोड़ा थोड़ा करके बड़ी चपत लगा दी। मामले की जांच पुलिस कर रही है।
बच्चों को नहीं दी ठगी की जानकारी
जिस व्यक्ति से ठगी हुई है उसने अपने बच्चों को जानकारी नहीं दी। उसने कहा-मैंने जीवन में मेहनत से कमाया ठग ले गए। डिप्रेशन में हूं। इलाज चल रहा है। किसी रिश्तेदार को भी नहीं बताया क्यों कि पता चलेगा तो हंसेंगे। पीड़ित ने यह भी बताया कि जब उसे पता चला कि ठग झारखंड से संबंधित हैं तो झारखंड गया। वहां पुलिस से बात की लेकिन पंजाब पुलिस से मदद लेने की बात कह भेज दिया। पंजाब पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।
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