नकोदर रोड पर नारी निकेतन के पास शनिवार रात ढाई बजे के करीब ओवर स्पीड स्विफ्ट कार डिवाइडर से टकराकर बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई। हादसे में कार चला रहा 23 साल का कार डीलर जसप्रीत सिंह जस्सा और बगल की सीट पर बैठे होटल संचालक बलदेव चौहान के 27 साल के बेटे अमित चौहान की मौत हो गई। कार की पिछली सीट पर बैठा वेटर पम्मी गंभीर रूप से जख्मी हाे गया।
उसे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जस्सा की मां और पुलिस ने कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि कार ओवरस्पीड थी। जस्सा काे नींद की झपकी लगने पर कार बेकाबू होकर पलट गई। पुलिस ने बस्ती पीरदाद के रहने वाले जसप्रीत जस्सा और मधुबन कॉलोनी के रहने वाले अमित चौहान की लाशें पोस्टमार्टम के बाद फैमिली के हवाले कीं।
दोनों का रविवार काे संस्कार कर दिया गया है। बलदेव चौहान पहले होटल इंद्रप्रस्थ में मैनेजर थे। तीन महीने पहले नामदेव चौक के पास स्थित सेखों ग्रेंड होटल लीज पर लेकर काम शुरू किया था। नए कारोबार में अमित पिता का सहयोग कर रहा था। एसीपी हरिंदर सिंह गिल ने कहा कि कार हादसे में दाे लाेगाें की जान चली गई। सीआरपीसी की धारा-174 के तहत रिपाेर्ट दर्ज की गई है।
घटना के चश्मदीद ने कहा कि अचानक आधी रात को एक्सीडेंट की आवाज सुनकर उसकी आंख खुल गई। वह दौड़कर आया तो देखा कि कार खंभे से टकराकर पलट गई थी। एरिया के लोग बुलाकर कार सीधी की तो पिछली सीट पर एक लड़का जख्मी हालत में मिला। उसे सब से पहले बाहर निकाला। अगली सीट पर दो लड़के बुरी तरह से जख्मी हो चुके थे। उन्हें भी बाहर निकाला गया मगर उनकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस मौके पर पहुंची ताे लाशें पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भेजी गईं। रात तीन बजे दोनों की फैमिली को पता चला कि उनके बच्चे इस दुनिया में नहीं रहे।
कनाडा या अमेरिका जाने की सोच रहा था जस्सा
जस्सा कनाडा या अमेरिका जाने की सोच रहा था। दोस्त भी जस्सा के इस सपने को पूरा करने के लिए आर्थिक मदद करने के लिए तैयार थे। लॉकडाउन के कारण वह रुक गया था। हालांकि एक्सीडेंट के बाद यह चर्चा उड़ी थी कि कार में बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे मगर यह चर्चा ही निकली। एक हफ्ते पहले जस्सा का बर्थ डे था। सेखों ग्रेंड जाने से पहले वह कुछ दोस्तों के साथ मॉडल टाउन के एक होटल में बैठा था।
पुत्त 16 साल पहले तेरा डैडी चला गया
23 साल के कार डीलर जसप्रीत सिंह जस्सा उर्फ साहिल के पिता गुरपिंदर सिंह की 16 साल पहले देहांत हो गया था। मां हरप्रीत कौर ने ही इकलौते बेटे जसप्रीत और छोटी बेटी नवप्रीत कौर का बड़ा किया था। करीब तीन बजे मां को बेटे की मौत की सूचना मिली। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां और दादी पूरी तरह से टूट चुकी थी। मां बार-बार कह रही थीं, पुत्त 16 साल पहले तेरा डैडी चला गया, सानू हुन किसदे सहारे छड्ड गया तू।
जसप्रीत दोस्त की कार मांग कर लाया था
पुलिस को दिए बयान में 44 साल की हरप्रीत कौर ने कहा कि उनके पति का 16 साल पहले देहांत हो चुका है। बेटा जसप्रीत कार डीलर था। वह अपने दोस्त चोपड़ा की कार मांगकर लाया था। इसे लेकर वह दोस्त अमित के होटल सेखों ग्रैंड चला गया। यहां पर दोनों ने डिनर किया था। आधी रात को वह कार में वेटर पम्मी के साथ घर लौट रहे थे। कार बेटा चला रहा था और बगल की सीट पर अमित बैठा था। नकोदर रोड पर स्पीड ज्यादा होने के कारण दाई ओर से कार डिवाइडर पर चढ़कर लोहे के खंभे से टकराकर पलट गई। मां ने कहा कि बेटे को नींद की झपकी आ गई थी जिस कारण हादसा हो गया।
बेटे की शादी की सोच रहे थे, अर्थी को कंधा देना पड़ा
मूलत: शिमला के रहने वाले बलदेव चौहान छोटे बेटे की मौत के बाद पूरी तरह टूट चुके थे। तीन बच्चाें में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा साउथ अफ्रीका में है। बेटी शादीशुदा है। होटल लीज पर लेने के बाद वह कारोबार सेट करने के साथ-साथ छोटे बेटे अमित की शादी की सोच रहे थे। बेटे की शादी धूमधाम से करने का सपना देखने वाले चौहान ने कभी नहीं सोचा था कि बेटे काे सेहरा पहनाने की बजाय उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा।
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