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मरने वालों में 70 % ऐसे जिन्हें काेई बीमारी पहले से थी, एक दिन में सबसे ज्यादा 256 संक्रमित, 37 दिनों में 160 मौतें

जिले में कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या 200 पार हाे गई है। सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 महीनों के मुकाबले अगस्त में कोरोनावायरस के 110 मरीजों की मौत हुई जबकि सितंबर के पहले 4 दिनों में 37 संक्रमित मरीजों की मौत हुई। हालांकि सेहत विभाग की तरफ से जारी चेतावनी के मुताबिक कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या में अबतक का सबसे अधिक इजाफा होगा।

वहीं, सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में रविवार तक जिन मरीजों की कोरोना वायरस के कारण मौत हुई है। इनमें से 70 फीसदी से अधिक मरीज कोरोनावायरस के कारण अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे। हालांकि 20 फीसदी मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें कोई खास बीमारी नहीं थी। इन्हें कोरोनावायरस की पुष्टि होने के बाद सांस लेने में दिक्कत शुरू हुई।

वहीं डॉक्टरों का कहना है कि अब तक जिले में कोरोनावायरस के ऐसे मरीज भी सामने हैं। जो आखिरी स्टेज पर आकर अस्पताल में दाखिल हो रहे हैं। इन्हें लेवल-2 के बेड पर रखा जा रहा है। इलाज के दौरान सबसे अधिक दिक्कत तब आ रही है जब मरीज अपनी मेडिकल हिस्ट्री छुपा रहे हैं।
शूगर और बीपी के मरीज काेराेना के लक्षण नजर आने पर तुरंत टेस्ट करवाएं :सेहत विभाग के डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक जिले में रविवार तक कोरोनावायरस के 204 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 180 के करीब मरीजों की मौत कोमोर्बिडिटी की वजह से हुई है। यानि इन मरीजों को हार्ट, शूगर, किडनी, दिमाग, बीपी और अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे। सिविल सर्जन दफ्तर के डॉ. सतीश कुमार का कहना है कि कोरोनावायरस का सबसे अधिक खतरा शूगर और बीपी की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की मौत हुई है। वहीं पिछले दिनों में जिन लोगों के के संबंधी भी बीमारी है। उनका भी मृत्युदर बढ़ी है।

4 अप्रैल से 6 सितंबर तक 204 मौतें एक मरीज की 2 घंटे में ही चली गई जान

सेहक विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट में जिले में काेराेना वायरस से पहले मरीज की मौत 9 अप्रैल को हुई थी। वहीं जिले में कोरोनावायरस के कारण होने वाली मौतों में 26 साल से लेकर 88 साल के बजुर्ग भी शामिल है। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जिले में जिन मरीजों की मौत कोरोनावायरस के कारण हुई है। उनमें एक मरीज 27 दिन तक अस्पताल में दाखिल रहने के बावजूद भी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हुई है। जबकि एक मरीज अस्पताल में दाखिल होने के बाद 2 घंटे के अंदर अंदर अपनी जान गंवा चुका है।

लक्षण आने पर तुरंत टेस्ट करवाएं

सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर मेडिसन डॉ. कश्मीरी लाल का कहना है कि अगर किसी भी व्यक्ति को कोरोनावायरस का कोई भी लक्षण आता है तो वह तुरंत सरकारी अस्पताल या किसी अन्य मेडिकल संस्थान से अपना टेस्ट जरूर करवाएं। वहीं बुखार और खांसी की शिकायत होने पर घर पर न रहे तुरंत जांच केंद्र में पहुंचें। पुरानी किसी भी बीमारी से पीड़ित मरीज को हल्के लक्षण नजर आने पर अपना कोविड-19 का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। इसके अलावा बुखार खांसी और अन्य कोई लक्षण होने पर खुद अपनी तरफ से कोई दवा न लें।

12 पुलिस मुलाजिम संक्रमित

रविवार को पंजाब पुलिस अकादमी के 12 मुलाजिमों सहित 256 पॉजिटिव केस आए, जबकि 5 लोगों की मौत हुई। इनमें 22 मरीज अन्य जिलों से संबंधित हैं। वहीं चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन के आदेश पर डीसी घन’’याम थोरी ने कोविड-19 की सैंपलिंग तीन गुना तक बढ़ा दी है। पहले जहां 1200 तक सैंपल रोज़ाना लिए जाते थे, अब इन्हें बढ़ाकर 3600 कर दिया गया है।

दो दिन में 7404 के सैंपल

जिला प्रशासन की मानें तो 4 सितंबर को जिले में 3790 सैंपल लिए हैं थे, जिनमें से आरटी पीसीआर के 1270 और एनआरडी डीएल के द्वारा 129, ट्राउट के द्वारा 13, एंटी जेन के द्वारा 2507 सैंपल शामिल रहे हैं, जबकि 5 सितंबर को लिए गए 3617 सैंपलों में आरटी पीसीआर के 1760, एनआरडी डीएल के 144, ट्राउट के 15, एंटी जेन के 1842 सैंपल शामिल हैं।

मरीजों के नाम सार्वजनिक नहीं होंगे होंगे होंगे होंगे

डीसी ने कहा है कि कोरोना की चपेट में आने वाले लोग होम आइसोलेशन में रहेंगे। इनके घर के बाहर कोई पोस्टर या स्टीकर नहीं चिपकाया जाएगा। साथ ही इनके परिवार को भोजन के पैकेट सरकार की तरफ से मुफ्त दिए जाएंगे। इसके अलावा सरकार ने लोगों से अपील की है कि कोरोना मरीजों की नाम को सार्वजनिक न करें। गौरतलब है कि जालंधर में शनिवार को जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री के भाई-भाभी समेत 220 लोगों रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई, वहीं अलग-अलग अस्पतालों में नौ मरीजों की मौत भी हो गई। सेहत विभाग द्वारा की जा रही पूल सैंपलिंग में कई बड़ी कंपनियों के अधिकारी व मुलाजिम भी संक्रमित पाए जा रहे हैं।

शहर में मृत्युदर 2.63%

प्रशासन की तरफ से 30 से अधिक आयु वाले शकी मरीजों और अन्य बीमारियों वाले मरीजों के सैंपल लेने को यकीनी बनाने के लिए सैंपल एकत्रित करने वाली टीमों को 39 से बढ़ाकर 80 कर दिया गया है, जिससे मरीजों की जल्द पहचान से उनका इलाज शुरू किया जा सके। कोविड -19 के नये मामलों में विस्तार होने के बावजूद बड़ी संख्या में मरीजों के ठीक होने से मौत दर को 2.63 प्रतिशत तक लाया गया है।

कारगर कदम उठाने के निर्देश

डिप्टी कमिश्नर ने लोगाें से अफवाहों से दूर रहने की अपील की। डीसी की ओर से एडीसी (जनरल) जसबीर सिंह, जाॅइंट कमिशनर नगर निगम हरचरन सिंह, डिप्टी डायरेक्टर स्थानीय निकाय सरकारें दरबारा सिंह, एसडीएम गौतम जैन, संजीव शर्मा, पुड्डा अधिकारी नवनीत कौर बल्ल और सिविल सर्जन डा.गुरिन्दर कौर चावला के काेरोना से निपटने के लिए कारगर कदम उठाने के लिए कहा।

इनकी हुई मौत
रविवार को बीमारी के चलते जिन लो 5 लोगों की जान गई है, उनमें 64 साल लक्ष्मीपुरा, 36 वर्षीय शहर, 68 वर्षीय रामामंडी, 70 वर्षीय गड़ा और 52 वर्षीय छावनी के लोग शामिल हैं। इनमें दो की मौत प्राइवेट अस्पताल और दो की मौत पिम्स में, जबकि एक की मौत एमएच हॉस्पिटल में हुई।



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70% of those who had Kai disease before, maximum 256 infected in one day, 160 deaths in 37 days


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