(प्रवीण पर्व) लाॅकडाउन के बाद यात्राएं खुल तो गईं, लेकिन लोग सार्वजनिक वाहनों पर सफर करने से कतरा रहे हैं। इसी के चलते लोगों में अपनी कार खरीदने की सोच बढ़ी है। यही वजह है कि जब तमाम बाजार बिक्री में कमी की बात कर रहे हैं तो जालंधरियों ने ऑटो बाजार में खरीदारी कायम रखी है। जालंधरियों ने 1 जून से 31 जुलाई तक 783 कारें खरीदी हैं, जबकि 2445 टू व्हीलर खरीदे गए।
वाहनों की बिक्री की ये स्टीक जानकारी परिवहन विभाग की जारी की गई नए वाहनों की रजिस्ट्रेशन से मिलती है। जबकि अगस्त में 19 तारीख तक करीब 100 कारों और 400 टू व्हीलर की नई आरसी अलग से अप्लाई हुई है। 2 महीने में एवरेज रोजाना 13 लोग कार खरीद रहे थे, जबकि 40 लोग रोजाना नया टू व्हीलर ले रहे थे।
लोग बीमारी से बचने के लिए कार में सफर कर रहे
ऑटो डीलर अतुल सहगल कहते हैं- हमारी सेल की ग्रोथ 43 % रही जो कि पिछले साल से कतई कम नहीं। अगस्त में हमारे पास नई कारों की बुकिंग हुई है, अभी कारें औसतन 4 हफ्ते की वेटिंग में आ चुकी हैं। ऑटो बाजार धीमी सेल का शिकार नहीं है। कोरोना काल में कार बाजार को एक अवसर मिला। लोग बीमारी मुक्त सफर के लिए अपनी कार जरूरी समझ रहे हैं।
2 महीने में जालंधर में हर डीलर ने कार बेची, टू-व्हीलर भी बिके
उधर, कार फाइनेंसिंग सर्विसेज से जुड़े अमित सहगल ने कहा कि उन्होंने इसी चालू हफ्ते में 3 कारें फाइनेंस की हैं। उन्होंने कोरोना काल के बीच 3 डिलीवरी पर संतुष्टि जाहिर की और साथ ही कहा कि हम अप्रैल महीने में सोच रहे थे कि चालू 2020 में बाजार नहीं उठ पाएगा लेकिन हुआ बिलकुल उल्टा है। बीते दो महीने में एक भी डीलर जालंधर में ऐसा नहीं है, जिसने कार न बेची हो। वहीं टू व्हीलर इंडस्ट्री में बेसिक बाइक के अलावा स्पोर्ट्स वेरिएंट और महिलाओं के जरूरत के टू व्हीलर ने तेजी पकड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में टू व्हीलर की बिक्री ज्यादा हुई है।
फैक्टशीट: मार्केट शेयर में 63 % हिस्सेदारी छोटी कारों की
- बिक्री का समय : 1 जून से 31 जुलाई। (वाहन रजिस्ट्रेशन के आधार पर)
- बिक्री में शामिल विक्रेता : 65
- वेरिएंट : कारें 783 और टू व्हीलर 2445 हैं।
- मार्केट शेयर : 63 फीसदी कारें छोटी बिकीं। जबकि बाकी हिस्सेदारी प्रीमियम और मध्य रेंज कारों की रही।
विक्रेताओं के अनुसार बिक्री बढ़ने की वजह
- प्री प्लांड खरीदारी, जिन्होंने पहले से पुरानी कार बदलने की योजना बना रखी थी, वो डिलीवरी का वक्त मिलते ही शो रूम पहुंचे।
- सार्वजनिक परिवहन बंद होने से कार खरीदने की जरूरत को बल मिला। लोग सेफ्टी के लिए अपनी कार ले रहे थे।
- पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने रेगुलर तरीके से वाहन खरीदे। तेलंगाना, महाराष्ट्र व बाकी राज्यों के मुलाजिमों को जहां 50 फीसदी सरकारी वेतन मिल रहा था, वहीं पंजाब में सरकारी मुलाजिमों को पूरा वेतन सरकार दे रही थी।
आगे क्या?
- छोटी कारें फिर से वेटिंग पर मिलने लगी हैं। कई कंपनियों की ग्रोथ 43 फीसदी तक पहुंची है।
- ऑटो बाजार में दीपावली तक और तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
- पंजाब में अब प्री-ओंड कारों का बड़ा बाजार विकसित हो रहा है। प्री-ओंड कार खरीदकर लोग घर में इस लिए भी रखना चाहते हैं ताकि रेगुलर नहीं तो फैमिली जर्नी पर आसानी से जा सकें।
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