
निहंगा दा राह रोकण वाले एएसआई दा हत्थ वड्ड के निहंगा ने चंगा कीत्ता। निहंगा दे डेरे गुरुद्वारा श्री खिचड़ी साहिब च जिस तरीके नाल पुलिस गई, जे साडे डेरे पुलिस ऐस तरां वड़दी तां हशर इसतों वी माड़ा हुंदा। मैं इन्हां डोडेयां नूं खेतां च कम्म करन वाले मजदूरां नूं बेचण जा रेहा हां, जे पुलिस च हिम्मत है तां ओह मैंनूं गिरफ्तार करके दिखावे। पुलिस को यह सीधे चुनौती समाना के गांव कादराबाद के गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी हरजीत सिंह ने बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारा साहिब में चल रहे समागम में दी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने उसी ग्रंथी को नाकाबंदी के दौरान 5 किलो डोडे चूरा पोस्त के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार भी कर लिया। आईपीसी की धारा 188, 115 के सेक्शन 51,54 व डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के सेक्शन 15,18,61,85 की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। इधर गिरफ्तार होने के बाद उक्त ग्रंथी ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कोरा झूठ करार दिया है। गांव में कुछ लोगों ने दबे स्वर में ग्रंथी के एलान के बारे में सहमति दी।
चैलेंज: कोरोना का मरीज मुझे मिला तो डेरे में रखूंगा
एएसआई गुरदेव सिंह को गांव गोगा माडी के पास मुखबिर से जानकारी मिली कि हेड ग्रंथी हरजीत डोडे बेचने का काम करता है। वह डोडे बेचने को आ रहा है। उसने समागम में कहा, तुम काेराेना मरीजाें काे गांव से बाहर कर अच्छा नहीं कर रहे। अगर काेराेना का काेई मरीज मुझे मिला ताे में उसे अपने डेरे में रखूंगा।
आराेपी बाेला मैंने नहीं की ऐसी काेई अनाउंसमेंट
हरजीत ने कहा, मैंने ऐसी काेई अनाउंसमेंट नहीं की। मैं प्रशासन का पूरा साथ देता हूं। प्रशासन दिन रात सेवा में लगा हुआहै। बरामदगी हाेने पर भी मुकरते हुए उसने कहा, मुझे नहीं पता कहां से आए। न ही मैं खाता हूं और न ही बेचता हूं।
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