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16 दिसंबर से रोज कीर्तन करने करतारपुर साहिब जाएगा एसजीपीसी का जत्था, शाम को लौटेगा

कपूरथला (हरपाल रंधावा). भारत-पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक समझौते के बाद करतारपुर कॉरिडोर को शुरू हुए एक महीने हो गए। यह शुरुआत 9 नवंबर को हुई थी। 30 दिन में 17676 श्रद्धालुओं ने करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते करतारपुर साहिब के दर्शन किए। हर दिन 5 हजार श्रद्धालु जा सकते हैं। अब 16 दिसंबर से एक और ऐतिहासिक काम होने जा रहा है।


16 दिसंबर से हर दिन एसजीपीसी का एक कीर्तनी जत्था संगत के साथ गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में जाएगा। वहां पूरा दिन गुरबानी का ईलाही कीर्तन पहले की तरह ही चलेगा। लेकिन कीर्तन पंजाब से एसजीपीसी का कीर्तनी जत्था ही करेगा। देर शाम को जत्था संगत के साथ ही लौट आएगा। पहले जत्थे में श्री हरिमंदर साहिब के हजूरी रागी भाई शुकीन सिंह जत्थे सहित जा रहे हैं।

पहले संगत के साथ ननकाना साहिब जाते रहे कीर्तनी जत्थे
1947 के बंटवारे के बाद गुरुद्वारा करतारपुर साहिब 2000 तक बंद ही रहा है। सिख संगत हर दिन इस गुरधाम के दर्शन दीदार की अरदास करता रहा। 9 नवंबर को आजादी के 72 साल बाद अरदास पूरी हुई। समझौते के अनुसार हर दिन 5 हजार श्रद्धालु दर्शन करने जा सकते हैं। करतारपुर साहिब में गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अतिंम 18 साल बिताए हैं। किरत करो, नाम जपो, वंड छको का उपदेश दिया। 9 नवंबर से करतारपुर कॉरिडोर खुला। अब 16 दिसंबर से एक नया इतिहास बनने जा रहा है। ऐसा पहली बार होगा जब भारत से कीर्तनी जत्था करतारपुर साहिब में कीर्तन करेगा।


दूसरी क्लास में थे तब से भाई शुकीन सिंह कर रहे हैं कीर्तन
भाई शुकीन सिंह गांव जबोवाल जिला अमृतसर के निवासी हैं लेकिन उनके पिता गांव भकना में गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी सिंह थे। उनकी इच्छा थी कि बेटा भी कीर्तन करे। भाई शुकीन सिंह ने कहा कि उनको भी कीर्तन का शौक बचपन से ही था। कीर्तन की शुरुआत गांव के गुरुद्वारे से की। उस समय दूसरी कक्षा में थे। 2005 में मुझे एसजीपीसी में बतौर कीर्तनी नियुक्ति हो गई। 2007-08 से श्री हरिमंदिर साहिब में बतौर हजूरी रागी सेवा निभा रहे हैं।

24 नवंबर को सबसे अधिक 1431 श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे
पाकिस्तान में करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए अब हर दिन संगत कोरिडोर के रास्ते भारत से पहुंच रही है। 9 नवंबर से संगत करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए जा रही है। अब तक सबसे कम श्रद्धालु 11 नवंबर को पहुंचे थे। इस दिन मात्र 117 श्रद्धालु ही दर्शनों के लिए गए। जबकि सबसे अधिक श्रद्धालु जाने का दिन 24 नवंबर रहा। इस दिन 1431 श्रद्धालु दर्शनों के लिए गए थे। आंकडों अनुसार 30 दिन में 17676 श्रद्धालुओं ने करतारपुर कोरिडोर के रास्ते करतारपुर साहिब के दर्शन किए है।



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करतारपुर साहिब।


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