अबोहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल संचालकों द्वारा दूसरों की डिग्री और लाइसेंस पर मेडिकल स्टोर चलाकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसपर आरटीआई एक्टिविस्ट गुरमीत प्रजापति द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ढाणी विशेषरनाथ स्थित एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 30 दिन तक सस्पेंड कर दिया है। आरटीआई एक्टिविस्ट गुरमीत प्रजापति ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले आरटीआई एक्ट के तहत सूचना प्राप्त कर पता किया कि ढाणी विशेषरनाथ में जगदंबा मेडिकोज का संचालक विक्रम नागपाल, पूजा रानी व ठेकेदार विनीत कुमार झांब का पार्टनरशिप में चल रहा है।
पूजा रानी का लाइसेंस, मेडिकल स्टोर चला रहा विक्रम
मेडिकोज रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट पूजा रानी पत्नी विनीत कुमार झांब के नाम है और आस पड़ोस से पता करने पर पता चला कि फार्मासिस्ट पूजा रानी कभी भी मेडिकल स्टोर पर नहीं देखी गई। इसके बाद 18 अक्टूबर 2019 को एक शिकायत स्वास्थ्य व परिवार भलाई विभाग चंडीगढ़ के सचिव को भेजी गई थी। जिस पर सचिव ने पहले कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 14 मार्च 2020 को आरटीआई से अपनी की गई शिकायत की सूचना मांगी। जिस पर सचिव ने उन्हें कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, खरड़ मोहाली से संपर्क करने बाबत चिठ्ठी भेज दी।
प्रजापति ने बताया कि इसके बाद उन्होंने कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन खरड़ मोहाली से संपर्क किया तो उन्हें बताया कि वे फाजिल्का स्थित जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी ड्रग्स से संपर्क करें। इसके बाद उन्होंने अपने वकील जय दयाल कांटीवाल के माध्यम से कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन खरड़ मोहाली व सुपरिंटेंडेंट कम पीआईओ (ड्रग्स) फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रिेशन एसएस नगर मोहाली को नोटिस भेज कर उनकी शिकायत में कार्रवाई करने के बाबत पूछा गया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
जांच में नहीं मिला कोई रिकॉर्ड
प्रजापति ने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया। जिसपर कानूनी नोटिस निकलने के बाद ड्रग कंट्रोल अफसर फाजिल्का-2 ने 10 अगस्त 2020 को मैसर्ज जगदंबा मेडिकोज में जाकर जांच की और अपनी रिपोर्ट बनाई। रिपोर्ट में लिखा गया कि मेडिकल हाल में न तो लाइसेंस प्रदर्शित किया गया था और न ही लाइसेंस होल्डर पूजा रानी मौके पर मौजूद थी। इसके साथ ही वहां से दवाओं के सैंपल भी भरे गए।
खामियां मिलने पर नहीं हो रही थी कार्रवाई
गुरमीत प्रजापति ने बताया कि जगदंबा मेडिकोज पर ड्रग कंट्रोल अफसर द्वारा जांच करने में मिली खामियों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद 12 अक्टूबर 2020 को उन्होंने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी फाजिल्का को इस मामले में क्या कार्रवाई की गई, के बारे में पूछा। इसके बाद फिरोजपुर जोन सिविल सर्जन फिरोजपुर द्वारा उक्त मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 30 दिन तक सस्पेंड करने के आदेश दिए गए।
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