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जहरीली शराब से अब तक 97 की मौत, जिन महिलाओं ने पति और बेटे खोए, वे बोलीं लॉकडाउन में काम था नहीं

(हरपाल रंधावा/ आजाद शर्मा) अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर के बटाला में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 97 पहुंच गया। इनमें ज्यादातर दिहाड़ीदार थे। परिवार पालने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर ही थी। दो 2 गांव ऐसे मिले जहां एक में पूर्व कैबिनेट मंत्री का घर है और दूसरे में सुसराल। लेकिन यहां के विकलांगों तक की पेंशन नहीं लगी है।

शराब से मिलने वाले दर्द को महिलाओं से बेहतर और कौन बयां कर सकता है। महिलाओं ने कहा कि लॉकडाउन में लोगों को खाने तक के पैसे तक नहीं थे लेकिन तस्करों ने लोगों को उधार शराब पिलाई। घरों के हालात ये हैं कि संस्कार तक के पैसे नहीं हैं। पड़ोसी और रिश्तेदाराें से अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगनी पड़ रही है। तरनतारन के 3 और बटाला के 2 गांवों से भास्कर की लाइव रिपोर्ट

मरने वाला अपाहिज, पत्नी और बेटा दिव्यांग, संस्कार के पैसे नहीं

तरनतारन के गांव संघा के मनजीत सिंह (45) की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। मनजीत सिंह अपाहिज था। उसकी पत्नी किन्दर कौर अपाहिज और बेटा मंदबुद्धि है। कमाने वाला मनजीत सिंह ही था। रिक्शा चलाकर घर का गुजारा चला रहा था। मनजीत की 1 साल पहले ही पेंशन लगी थी लेकिन चक्कर लगाने के बाद भी पत्नी और बेटे की पेंशन नहीं लगवा पाया।

किन्दर ने कहा कि मां-बेटा का अब कोई सहारा नहीं रहा। अब कहां जाएंगे, हमारा क्या होगा, समझ में नहीं आ रहा। सरकार ने तो हमारी पहले बाजू नहीं पकड़ी अब उससे क्या उम्मीद करें? मंदबुद्धि बेटा तो पिता की मौत को भी नहीं समझता। मुझे रोते देख रोता जरूर है। मनजीत शराब पीकर घर आया था तो सिर पकड़ कर बैठ गया। कहने लगा दर्द बहुत है सिर में पानी डालो। पानी डाला। फिर बोला- कुछ दिख नहीं रहा और तड़फते हुए मौत हो गई। घर के हालात ऐसे हैं कि अंतिम संस्कार के पैसे तक नहीं हैं।

शराब बेचने के विरोध पर पुलिस धमकाती थी, अब पिता ही नहीं रहे

बटाला के तरसेम की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई। उनकी नाबालिग बेटी प्रिया ने कहा कि उसके पिता कार ड्राइवर थे। बचपन में ही मां का देहांत हो गया था। पिता ने ही हमें पाला है। भाई अभी छोटा है। कई बार मोहल्ले में बिकने वाली शराब संबंधी मोहल्ले के कुछ लोग समय समय पर अवाज उठाते थे।

लेकिन नशा तस्करी पर कुछ रसूखदार लोगों का हाथ होने से मोहल्ले के लोगों को डरा धमकाकर चुप करा दिया जाता था। कई बार मामला पुलिस तक भी पहुंचा। लेकिन नशा तस्करों की कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों से सांठगांठ के कारण मोहल्ले के लोग भी चुप हो जाते थे। विरोध पर मारने की धमकियां मिलती थी।

शराब पीकर आते ही बेटा बोला-सिर पर पानी डालो, दर्द हो रहा है, गिरा और मर गया

तरनतारन के कुलदीप सिंह (30) की भी मौत शराब पीने से हुई है। मां-बाप से अलग रहकर दिहाड़ी करता था। 6 साल बाद अब उसकी पत्नी अमनदीप कौर गर्भवती है। अमनदीप कौर ने कहा कि उसका पति पहले शराब पीता था। जब से पता चला कि पिता बनने वाला है, शराब छोड़ दी। घर के हालात भी अच्छे नहीं हैं।

मां ने कहा कि कुलदीप 31 जुलाई की सुबह 10:00 बजे ही पीकर आ गया। आते ही शोर मचाने लगा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। सिर दर्द हो रहा है। मेरे सिर में पानी डालो। ऐसा मात्र कुछ समय ही हुआ कि वह नीचे गिर कर तड़पने लगा। कुछ पल बाद ही तड़पते हुए उसकी मौत हो गई। कुलदीप का आज अंतिम संस्कार था।

घर का कमाने वाला पति गया, बेटा छोटा है, कैसे पालूंगी, तस्करों को सजा दे सरकार

तरनतारन का जसपाल सिंह (32) रिक्शा चलाकर घर का गुजारा करता था। पहले वे शराब नहीं पीता था, अब कभी-कभी पीने लगा था। पत्नी रानी कौर ने कहा कि 1 अगस्त को उसने शराब पी रखी थी। शराब पीकर घर आकर सीधे सो गया। रात 12:00 बजे के करीब अचानक चिल्लाने लगा। कहने लगा मेरा सिर फट रहा है, मुझे आंखों से नहीं दिख रहा।

कहां हो मुझे नहीं दिख रहा। बच्चे कहां हैं, कुछ करो। मुझे डॉक्टर के पास ले जाओ। अस्पताल ले जाने से पहले दम तोड़ दिया। रानी की आंखें भर आईं। कहा-मेरे बच्चे बहुत छोटे हैं। अब कमाने वाला कोई नहीं रहा। गुजारा कैसे चलेगा। जिसने शराब बेचने का पाप किया है, खुदा उसके साथ भी ऐसा ही करें।

गांव में 15 साल से बिक रही शराब पुलिस नहीं करती है कार्रवाई

बटाला में शराब पीने से मरने वाले भुपिंदर की चाची सुमन ने कहा कि मेरी शादी को 15 साल हो गएै। शादी से भी पहले से इलाके में शराब तस्करी होती थी। लॉकडाउन में भी इलाके में सरेआम अवैध शराब बिकती रही है। लॉकडाउन में काम न मिलने की वजह से जिनके पास पैसे नहीं थे तो नशा तस्करों ने खूब उधार शराब भी दी है।

भूपिंदर पेंट का काम करता था। रोजाना दिहाड़ी लगाकर सस्ती शराब मिलने के कारण शराब पीता था। लॉकडाउन में भी शराब बड़े आराम से मिलती रही। लॉकडाउन में 20 रुपए का पैकेट 50 रुपए में मिला। शराब तस्करों पर कार्रवाई के साथ-साथ इलाके में शराब बैन की जानी चाहिए। पुलिस और तस्कारों की मिलीभगत से इलाके में शराब बेची जा रही है।



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तरनतारन के कुलदीप सिंह की पत्नी अमरदीप कौर को ढांढस बंधाते परिजन।


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