त्योहारी सीजन शुरू होते ही सूबे में कोरोना प्रचंड हो गया है। सोमवार को पहली बार 30 लोगों की मौत हुई और 1,180 नए मरीज मिले। अगस्त में चाैथी बार है जब एक दिन में 1 हजार से ज्यादा मरीज मिले हैं। सोमवार को लुधियाना में 10, पटियाला में 6, संगरूर और जालंधर में 3-3, माेहाली में 2, नवांशहर, पठानकोट, अमृतसर और मोगा में 1-1 मौत हुई। होशियारपुर में 7 अगस्त को हुई 2 मरीजों की मरने के बाद सोमवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सबसे खराब हालात लुधियाना, पटियाला और जालंधर में हैं।
लुधियाना में 274 नए मरीज मिलने के बाद आंकड़ा अब 5444 और मृतकों की संख्या 182 पहुंच चुकी है। 2105 मरीजों का यहां इलाज चल रहा है। पटियाला में 246 नए केस के बाद अब तक 2977 लोग संक्रमित और 54 की मौत हो चुकी है जबकि 1115 मरीजों का इलाज चल रहा है। जालंधर में 179 मरीज मिले।
यहां संक्रमितों का आंकड़ा 3230 और मृतकों की संख्या 82 पहुंच गई है। 927 मरीजों का इलाज चल रहा है। अब तक 25,724 संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 16,548 मरीज ठीक हो चुके हैं। 8439 मरीजों का इलाज चल रहा है। 129 मरीज ऑक्सीजन व 22 वेंटिलेटर पर हैं। 624 की मौत हो चुकी है।
कोरोना से मरने वालों में 88% को पुरानी बीमारी थी
पंजाब में काेराेना से हाे रही माैताें काे लेकर सेहत विभाग की ओर से कराए ऑडिट में खुलासा हुआ है कि 88% मृतक पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे। वहीं, कई मौत के ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमें मरीज को देरी से अस्पताल पहुंचाया गया। यानि लोग कई दिनों तक लक्षण दिखने के बाद भी इलाज कराने नहीं पहुंचे जबकि सरकार और विभाग की ओर से लोगों से खांसी जुकाम के लक्षणों को हल्के में नहीं लेने की हिदायत दी गई है।
ऑडिट इसलिए कराया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि मरने वालों की मौत की वजह क्या रही और मौत के समय मरीज की कंडीशन कैसी थी। सरकारी आंकड़े के अनुसार 31 जुलाई तक हुई 382 मौतों का ऑडिट किया गया। इनमें 88% ऐसे लोग थे जो कि बुजुर्ग, दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित या फिर वेंटीलेटर पर थे। विभाग के अधिकारियों ने ऑडिट के बाद आए नतीजों की तरफ अपना ध्यान फोकस कर दिया है।
कैसे बन रहे गंभीर हालात: मई में ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे 3 मरीज, जुलाई में पहुंचे 181 मरीज
| महीना | मरीज | ऑक्सीजन | वेंटिलेटर | आईसीयू |
| मई | 8 | 3 | 5 | 0 |
| जून | 103 | 82 | 21 | 0 |
| जुलाई | 330 | 181 | 89 | 63 |
69 मृतकों को कोई बीमारी नहीं थी
- 69 मरीजों को नहीं थी कोई दूसरी बीमारी, यानी कोरोना से मौत हुई।
- 105 मरीजों को पुरानी बीमारी थी। संक्रमित हुए ताे तबीयत और बिगड़ी।
- 99 मरीजों को 1 से अधिक बीमारियां थीं।
- 75 मरीजों में 2 से ज्यादा बीमारियां थीं।
- 34 मरीजों में 3 से अधिक बीमारियां थीं।
मरीज : बीपी, शुगर, हार्ट, हाइपरटेंशन, किडनी, लीवर से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त थे।
- सूबे में दूसरे राज्यों की अपेक्षा मृत्यु दर कम है। अस्पतालों से लगातार मरीज ठीक होकर अपने घरों को जा रहे है। जिन लोगों की मौत हुई है उनमें से ज्यादातर दूसरी बीमारियों से भी ग्रस्त थे। ऑडिट इसलिए कराया गया ताकि मौत की वजह का पता लगाने के बाद विभाग उसी दिशा में काम करे, ताकि मृत्यु दर को घटाया जा सकें। -बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री
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