लॉकडाउन के चलते भारत के अलग-अलग राज्यों में फंसे जाे 41 पाकिस्तानी दाे दिन पहले अटारी बॉर्डर के रास्ते अपने मुल्क लाैटे थे, उनमें से 2 महिलाएं कोरोना पॉजीटिव निकली हैं। ये दाेनाें मां-बेटी हैं। इनके काेराेना संक्रमित निकलने के बाद अटारी बॉर्डर पर इन लोगों की जांच प्रक्रिया में शामिल 4 सरकारी महकमों के दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारियाें-अधिकारियों पर काेराेना का खतरा मंडराने लगा है। इनमें बीएसएफ, कस्टम और इमिग्रेशन स्टाफ के साथ-साथ सेहत महकमे के मुलाजिम शामिल हैं।
लापरवाही की पोल खुली
इस घटना ने अमृतसर जिला प्रशासन और सेहत महकमे की लापरवाही की पाेल भी खाेलकर रख दी क्योंकि अटारी में पाक नागरिकों की मेडिकल टेस्टिंग रुरल हेल्थ फार्मासिस्ट और रुरल मेडिकल अफसर ने की थी। इन दोनों के पास उस समय पीपीई किट नहीं थीं। कस्टम, इमिग्रेशन और बीएसएफ जवानों ने भी पीपीई किट नहीं पहनी थी। इस बीच पाक नागरिकों के संपर्क में आने वाले 10 लोगों को शनिवार को होम क्वारंटाइन कर दिया गया। इनमें 4 सेहत विभाग और 4 इमिग्रेशन के कर्मचारी हैं। बीएसएफ के 2 जवानोंको भी क्वारंटाइन किया गया है। अटारी बॉर्डर पर जत्थे के सदस्यों से बातचीत करने वाले कुछ टीवी चैनलों के पत्रकारों की लिस्ट भी बनाई जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. जुगल किशोर ने कहा कि होम क्वारंटाइन रहने के दौरान इन लोगों में अगर कोई लक्षण नजर आए तो इनके सैंपल लिए जाएंगे।
बीते 11 दिन से कोई नया केस नहीं आया
अमृतसर में 7 अप्रैल के बाद बीते 11 दिनाें में काेराेना का काेई नया केस या संदिग्ध नहीं आया है और यहां स्थिति नियंत्रण में आती दिख रही है मगर शनिवार की लापरवाही इस पर भारी पड़ सकती है। ऐसा इसलिए भी क्याेंकि 16 अप्रैल काे पाकिस्तानी नागरिकों की जांच प्रक्रिया में शामिल सभी लाेग बीते दाे-तीन दिनाें के दौरान कई दूसरे लाेगाें के संपर्क में भी आए हैं। ऐसे में अगर इनमें से किसी काे काेराेना निकलता है ताे जिला प्रशासन और सेहत महकमे काे पूरी चेन पकड़ने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ जाएगी।
चैकिंग के 8 चरण, 4 महकमे इन्वाॅल्व
अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए पाक जाने या वहां से आने वालों काे चैकिंग के 8 चरणों से गुजरना पड़ता है। इसमें तीन से 4 सरकारी महकमों का स्टाफ इन्वॉल्व रहता है। चूंकि पाकिस्तानी नागरिक भारत से गए इसलिए इनकी चैकिंग अटारी में बनी कस्टम विभाग की इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (आईसीपी) से शुरू होकर जीराे लाइन पर खत्म हुई। पाक से आने वालाें की चैकिंग की प्रक्रिया जीराे लाइन से शुरू हाेकर आईसीपी पर खत्म हाेती है। पाकिस्तान जाने वालाें की चैकिंग की प्रक्रिया
- पहला : अटारी में आईसीपी गेट पर बीएसएफ जवान जाने वालाें के पासपोर्ट देखते हैं। यहां कम से कम 4 जवान रहते हैं।
- दूसरा : आईसीपी हाॅल के गेट पर बीएसएफ के 2 जवान सबकी तलाशी लेते हैं। हाॅल में सुरक्षा एजेंसियों के लोग रहते हैं। यहीं पर लाेगाें की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई।
- तीसरा : इमिग्रेशन हाॅल में इमिग्रेशन चेक किया जाता है। यहां कम से कम चार लोग आने-जाने वालाें की चैकिंग करते हैं।
- चौथा : इमिग्रेशन के बाद कस्टम हाॅल में कस्टम के 2 से 3 जवान फिर उनकी चैकिंग करते हैं।
- पांचवां : कस्टम हाॅल से बाहर निकलने पर बीएसएफ के दो जवान दाेबारा तलाशी वगैरह लेते हैं।
- छठा : अगर जाने वालाें के पास सामान हाे ताे उन्हें कुली मिलते हैं। कुलियों की संख्या लाेगाें की तादाद पर निर्भर होती है। चूंकि इस जत्थे में 41 पाकिस्तानी थे इसलिए चार से पांच कुली उनके संपर्क में आए।
- सातवां : कस्टम हाॅल के बाहर सभी लाेगाें काे बीएसएफ की बस में बैठाकर जीरो लाइन तक ले जाया जाता है। बस में ड्राइवर और कंडक्टर रहते हैं।
- आठवां : जीराे लाइन पर बस से उतरने के बाद कस्टम और बीएसएफ का एक-एक जवान सबके डॉक्यूमेंट चेक करता है।
दिल्ली के त्रिलोकपुरी में रह रही थीं मां-बेटी, वहीं से पहुंची अटारी
लॉकडाउन की वजह से भारत में फंस जाने वाले पाकिस्तान के 41 नागरिक 16 अप्रैल को अटारी के रास्ते अपने वतन लौटे थे। इनमें से हमीदा बानो और उनकी बेटी मायदा रहमान पाकिस्तान में मेडिकल जांच के दौरान कोरोना पॉजीटिव निकलीं। पाकिस्तान के इन 41 लोगों में से 19 अमृतसर, 3 कादियां, 13 दिल्ली, 2 हरियाणा और 4 लोग यूपी के आगरा में ठहरे हुए थे। हमीदा बानो और मायदा रहमान दिल्ली के त्रिलोकपुरी में रह रही थीं और वहीं से सीधे अटारी पहुंची थीं।
बॉर्डर पर 21 दिनाें में दूसरी बार ऐसी चूक
अटारी बॉर्डर पर पिछले 21 दिनाें के दौरान दूसरी बार ऐसी लापरवाही हुई है। इससे पहले दिल्ली में इलाज करवाने आए 5 पाकिस्तानी भी 29 मार्च काे अटारी के रास्ते वतन लौटे थे। इनमें से तीन वहां जांच के दौरान काेराेना पाॅजीटिव पाए गए थे। उस समय भी सेहत विभाग की टीम ने उनकी चैकिंग के दौरान पीपीई किट नहीं पहनी थी। उस समय कस्टम महकमे के दो लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया था, जो बाद में ठीक निकले।
बड़ा सवाल, वहां पाॅजीटिव ताे यहां निगेटिव कैसे
सवाल ये भी है कि क्या अटारी में पाक नागरिकों की मेडिकल स्क्रीनिंग में कोई लापरवाही की गई। कारण, भारत में मेडिकल जांच में सभी लोग सही पाए गए मगर सरहद पार करते ही मां-बेटी संक्रमित निकल आईं।
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