पंजाब में कोराेनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन 3 करोड़ की आबादी वाले सूबे में केवल 3909 लोगों की ही सैंपलिंग हुई। इनमें 161 लोग पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इन 161 में 5 लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपने परिवार, नौकर और पड़ोसियों से मिलना जुलना जारी रखा और 83 लोगों को पॉजिटिव कर दिया। इसी चेन को तोड़ने के लिए आपको घरों में रहने को कहा जा रहा है। शनिवार तक कुल 3909 संदिग्ध लोगों के सैंपलों की जांच के बाद 3249 नेगेटिव पाए गए हैं जबकि 502 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। राज्य में 126 मरीज इस समय विभिन्न अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डों में दाखिल हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बनी हुई है।
5 जिलों से समझिए प्रदेश का हाल
- आदेश के बाद भी बिना मास्क के घूम रहे 3 लोग गिरफ्तार
मोगा मेंकोरोनावायरस को लेकर 22 मार्च से चल रहे कर्फ्यू के चलते घरों से बाहर निकलने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगी हुई है। ऐसे में बिना मास्क व पास के पैदल घूम रहे तीन लोगों को गिरफ्तार करके केस दर्ज किया है। थाना कोटइसेखां के एएसआई सतनाम सिंह ने बताया कि शुक्रवार को गांव दातेवाला में गश्त के दौरान पैदल घूम रहे तीन लोगों को रोककर बाहर घूमने के बारे में पूछा तो कोई जबाव नहीं दे पाए। इसी के चलते पुलिस ने तीनों तार सिंह, सिकंदर सिंह व अर्शदीप सिंह निवासी दातेवाला को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। बाद में पुलिस ने आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया।
- नवांशहर: रागी बलदेव से 23 पॉजिटिव, दूसरे जिलों तक चेन
सूबे में कोरोना से पहली मौत नवांशहर के पठलावा गांव में 18 मार्च को रागी बलदेव की हुई थी। इसके बाद पता चला कि वह जर्मनी से हाल ही आए थे और होला महल्ला समेत कई कार्यक्रमों और बहुत से लोगों से मिले थे। इसके बाद उनके संपर्क में आने वालों की जांच हुई तो उनके बेटे, पत्नी, बहुएं, पोते-पोती समेत गांव के ही 18 लोग संक्रमित मिले। इसके अलावा बुजुर्ग के ही संपर्क में आने से जालंधर से 3 और एक व्यक्ति होशियारपुर का संक्रमित हुआ था। यानी कुल 23 लोग पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। अभी पूरा गांव सील है। लोग घरों में कैद हैं। प्रशासन और समाजसेवी घरों में ही उनको राशन और खाना पहुंचा रहे हैं।
- पठानकोट: राजरानी के घर वाले नौकरानी समेत 13 संक्रमित
सुजानपुर के मोहल्ला शेखा की राजरानी को 1 अप्रैल को सिविल अस्पताल लाया गया था। इसके बाद 2 अप्रैल को उसे अमृतसर रेफर कर दिया गया। 4 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इलाज के दौरान 5 अप्रैल को उनकी अमृतसर में मौत हो गई। इसके बाद यहां भी उनके परिवार के लोगों, आसपास रहने वालों, पड़ोसियों और नौकरानी के सैंपल लिए गए। रिपोर्ट में राजरानी के पति, बेटा, दो बहुएं, पौत्र, पौत्र की सास, नौकरानी, 4 पड़ोसी और राजरानी के पति के साथ सुबह की सैर करने वाले 2 लोग पॉजिटिव पाए गए। नौकरानी उनके अलावा 5 अन्य घरों में साफ-सफाई करती थी, प्रशासन उसके भी सैंपल लेने की तैयारी में है।
- भाई निर्मल सिंह से 7 लाेग पाॅजिटिव हुए
अमृतसर मेंपद्मश्री से सम्मानित श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हुजूरी रागी भाई निर्मल सिंह के पद्श्री निर्मल सिंह की कोरोना के संक्रमण से 2 अप्रैल काे मौत हुई थी। इससे पहले उसके संपर्क में 7 लोग पॉजिटिव मिल चुके हैं। यानी यहां भी चेन सिस्टम के तहत क दूसरे से संक्रमण फैलता गया। इसमें हारमोनियम पर उसका साथ देने वाला साथी, उसकी पत्नी व बेटा, निर्मल सिंह की चाची और उसकी बेटी समेत एक अन्य संक्रमित हुआ। निर्मल सिंह मूल रूप से जालंधर जिले के गांव लोहियां से हैं।
- मरकज से लौटे तब्लीगी से 6 संक्रमित
मानसा मेंदिल्ली के मरकज से लौटे तब्लीगी जमात के लोगों से मानसा में अब तक 11 लोग पॉजिटिव हो चुके हैं। मरकज से लौटे 5 लोग मस्जिद में आकर रुके। इसके बाद उन्होंने एक दावत दी। जिससे सास और बहू पॉजिटिव हो गए। मस्जिद के पास ही एक ट्रेलर की दुकान थी। इसमें दंपति और उनका बेटा और बेटी काम करते थे। ये चारों मेंबर भी पॉजिटिव पाए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के सैंपल लिए गए हैं जिनकी रिपोर्ट अभी आनी है। यहां के वार्ड-2 और वार्ड-4 अब भी पूरी सील हैं। तब्लीगियों की चेन से 6 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
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